जल कवच
हर घर के लिए सुरक्षित पीने का पानी।
जल कवच एक छोटा, सस्ता फ़िल्टर है जो आपके नल या बोतल पर लग जाता है और स्वतंत्र लैब जाँच में इसने पानी से 99.9999% ई. कोलाई बैक्टीरिया हटाए। न बिजली चाहिए, न पानी बर्बाद होता है, और पानी के ज़रूरी खनिज भी बने रहते हैं।
- परिवारों तक पहुँचा
- 20,000+
- ई. कोलाई कम (लैब जाँच)
- 99.9999%
- प्रति लीटर
- ~10 पैसे
- राज्य और केंद्र शासित प्रदेश
- 11
आँकड़े नवंबर 2026 तक के।
कैसे काम करता है
हर जल कवच के अंदर एक झिल्ली (मेम्ब्रेन) होती है जिसके छेद सिर्फ़ 0.1 माइक्रोन के हैं, यानी इंसान के बाल से लगभग हज़ार गुना पतले। पानी इनसे निकल जाता है, बैक्टीरिया नहीं निकल पाते।
- हटाता है
- लैब जाँच में 99.9999% ई. कोलाई बैक्टीरिया। 0.1 माइक्रोन की झिल्ली दूसरे कीटाणुओं और परजीवियों को भी रोकने के लिए बनी है, और पानी का गंदलापन व रंग साफ़ करती है।
- रखता है
- पानी के प्राकृतिक खनिज। RO की तरह कैल्शियम और मैग्नीशियम नहीं निकालता।
- नहीं हटाता
- पानी में घुले नमक (TDS) या आर्सेनिक, सीसा जैसी भारी धातुएँ। अगर आपके पानी में ये समस्या है, तो हम साफ़-साफ़ बताएँगे।
कैसे लगाएँ
किसी औज़ार या प्लंबर की ज़रूरत नहीं।
- लगाएँ। नल वाले फ़िल्टर को धातु के क्लैंप से नल पर कसें। बोतल वाले फ़िल्टर को बोतल के मुँह पर घुमाकर लगाएँ।
- पहली बार धोएँ। पहली बार इस्तेमाल से पहले 10 सेकंड तक पानी चलाकर फ़िल्टर को धो लें।
- पिएँ। बस इतना ही। नल खोलिए या बोतल झुकाइए, साफ़ पानी पाइए।
देखभाल और ज़रूरी बातें
क्या करें?
सिर्फ़ ठंडा या सामान्य तापमान का पानी इस्तेमाल करें। बाहर से मुलायम कपड़े से साफ़ करें। कुछ दिन इस्तेमाल न करना हो तो फ़िल्टर को गीला रखें।
क्या न करें?
गरम पानी न डालें। फ़िल्टर को जमने (फ़्रीज़र) न दें। बहुत तेज़ दबाव से पानी न चलाएँ। खारे या केमिकल वाले पानी पर इस्तेमाल न करें।
फ़िल्टर कब बदलें?
जब पानी की धार काफ़ी धीमी हो जाए, तब फ़िल्टर बदलने का समय है। यह इस पर निर्भर है कि परिवार कितना पानी इस्तेमाल करता है और पानी कितना गंदा है।
क्या इसकी वारंटी है?
हाँ, बनावट की किसी कमी पर 6 महीने की वारंटी। अपना बिल संभालकर रखें।
जल कवच ख़रीदें
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धनंजय गोयल, सह-संस्थापक